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डेंगू के खिलाफ मेरा घर-मेरा दफ्तर अभियान होगा शुरू

डेंगू के खिलाफ मेरा घर-मेरा दफ्तर अभियान होगा शुरू
बैतूल(बीजेडयून्यूज)। राष्ट्रीय पोषण माह (01 सितंबर से 30 सितंबर तक) के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं सफल आयोजन हेतु 19 सितंबर गुरूवार को जिला स्तरीय मीडिया कार्यशाला नगर पालिका सभागृह में आयोजित की गई। कार्यशाला में कलेक्टर तेजस्वी एस. नायक सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीसी चौरसिया एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास बीएल विश्नोई ने इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकारों को राष्ट्रीय पोषण माह से संबंधित जानकारी दी। इस दौरान कलेक्टर श्री नायक द्वारा द्वारा राष्ट्रीय पोषण माह को सफल बनाने के संबंध में उपस्थित अधिकारियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों को शपथ भी दिलाई गई। कार्यशाला में कलेक्टर श्री नायक ने बताया कि जिले में मौसमी बीमारियों के नियंत्रण के लिए पूरे अमले को सचेत किया गया है। आमजन में ऐसी बीमारियों से बचाव के लिए जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न स्थानों पर मॉक-ड्रिल भी आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीसी चौरसिया ने मौसमी बीमारियों से बचाव की जानकारी देते हुए कहा कि बारिश के मौसम में अपने आसपास नियमित साफ-सफाई करें। वर्षा के जल को एक जगह एकत्रित न होने दें। मच्छर से फैलने वाले वाहक जनित रोग-मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से सुरक्षा के लिए जनभागीदारी व जनजागृति का होना आवश्यक है। वर्षाकाल में जगह-जगह एकत्रित पानी में मच्छरों की उत्पत्ति व वृद्धि होती है। ये मच्छर, रोगी व्यक्ति को काटने पर संक्रमित हो जाते है व इन संक्रमित मच्छर के काटने से मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, रोग का प्रसार होता है। इन बीमारियों से ग्रसित रोगी को बुखार सिरदर्द, बदनदर्द, उल्टी आना, ठंड लगना जैसे लक्षण होते हैं जिनका त्वरित उपचार आवश्यक है। मलेरिया रोग एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है तथा यह मच्छर रात में सक्रिय रहता है। डेंगू व चिकनगुनिया रोग, सफेद चकते वाले एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर दिन में सक्रिय रहता है। बीमारी फैलाने वाले मच्छर घरों में नमी वाले अंधेरे स्थान में विश्राम करते है एवं साफ व रूके पानी में पनपते हैं जो कि हमारे घरों में व आसपास पानी से भरे पात्र जैसे- गमले, टंकी, टायर, मटके, कूलर, टूटाफूटा कबाड में भरे पानी, नल, हैण्डपंप व कुएं के आसपास भरे पानी में मच्छर अपने अण्डे देते हैं। पानी से भरे बर्तन, टंकियों आदि का पानी सप्ताह में अवश्य बदलते रहें व कुएं, हैण्डपंप, नल के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। गड्ढों का मिट्टी से भराव करें या पानी की निकासी कराकर मच्छरों के उत्पत्ति स्थल को नष्ट करें, व मच्छरों के लार्वा नहीं पनपने दें। मच्छरों से बचाव करें। मच्छरों से बचाव के लिए सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, पूरे आस्तीन के कपड़े पहने, मच्छर भगाने वाली क्रीम या क्वाइल का उपयोग करे, नीम की पत्ती का धुंआ करें। कोई भी बुखार मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया हो सकता है जिसका इलाज संभव है। किसी भी बीमारी के लक्षण दिखने पर शीघ्र स्वास्थ्य केन्द्र में नि:शुल्क जांच करायें तथा चिकित्सक के परामर्श से पूर्ण उपचार लें। मलेरिया की जांच ग्राम स्तर तक आरोग्य केन्द्र व स्वास्थ्य केन्द्रो में नि:शुल्क उपलब्ध है।