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मिट्टी के दीए बेचने वालों की भी मन सकें दीवाली

मिट्टी के दीए बेचने वालों की भी मन सकें दीवाली
मुलताई। हमारी संस्कृति में दीपावली को दीपों का पर्व माना गया है जिसमें मिट्टी के दीयों को जलाने का विशेष महत्व है। लेकिन समय के साथ-साथ बाजारों में अन्य सामग्री से बनने वाले दीयों की चकाचौंध ने मानो मिट्टी के दीयों को पीछे अंधेरों में कर दिया है। ऐसी स्थिति में दीपावली पर्व पर मिट्टी के दीये बनाकर बेचने वाले निर्धन परिवार प्रभावित हो गए हैं जो दीये बेचने से होने वाली कुछ कमाई से अपनी आजीविका चलाने सहित यह पर्व भी मनाने का सपना संजोये रहते हैं। लगातार पिछड़ते ऐसे निर्धनों के लिए नगर के जागरूक युवाओं द्वारा मिट्टी के दीये बेचने वालों को विशेष सुविधाएं देने की मांग नगर पालिका से की गई है ताकि उन निर्धनों की भी दीपावली हो सकें। गुरूवार नगर की संस्था हनुमान सेवा समिति के चिंटू खन्ना, बब्बल सेवतकर, सलमान शाह, रवि पाटिल सहित बड़ी संख्या में युवा नपाध्यक्ष हेमंत शर्मा एवं सीएमओ राहुल शर्मा से मिले और उन्हे ज्ञापन सौंपते हुए यह मांग की गई कि दीपावली के मौसम में मुख्य मार्ग के आसपास सहित अन्य स्थानों पर बैठकर मिट्टी के दीये बेचने वालों से कोई टैक्स ना लिया जाए। यह ध्यान रखा जाए कि उनके व्यापार करने में कोई परेशानी तो नहीं आ रहा है। युवाओं ने कहा नगर पालिका द्वारा एैसे निर्धन लोग जो मात्र मिट्टी के दीये बेचकर अपनी आजिविका चला रहे हैं उन्हे जितनी हो सकें नगर पालिका की ओर से सुविधाएं प्रदान की जाए। युवाओं ने मांग करते हुए कहा कि नगर पालिका द्वारा अपने संसाधनों से यह भी प्रचार-प्रसार किया जाए कि लोग अधिक से अधिक मिट्टी के दीये खरीदने के लिए प्रेरित हो सके जिससे कि हमारी संस्कृति भी बची रह सके और निर्धनों की भी दीवाली भी हो सके। ताप्ती तट को दीपों से सजाया जाए एक ओर जहां दीपावली पर नगर में हर ओर रोशनी ही रोशनी होती है वहीं ताप्ती सरोवर तट प्रकाश के अभाव में सूना पड़ा रहता है। इसी के दृष्टिगत मां ताप्ती ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा ट्रस्टी तहसीलदार सुधीर जैन को यह सुझाव दिया गया है कि दीपावली पर्व पर ताप्ती सरोवर तट को मिट्टी के दीयों से रोशन किया जाए। ट्रस्ट के सदस्य महेश पाठक, अजय यादव, राजू पाटनकर, चिंटू खन्ना, चंदू देशमुख सहित अन्य सदस्यों ने एक पत्र के माध्यम से यह सुझाव दिया गया है कि यदि दीपावली पर ताप्ती तट को मिट्टी के दीपों से सजाकर रोशन किया जाता है तो यह नगरवासियों के लिए आकर्षण का केन्द्र होगा वहीं लोगों में उत्साह का संचार करेगा। इसी के साथ ही मिट्टी के दीये बेचने वालों का व्यापार भी हो सकेगा।