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मुलताई को जिला बनाने की मांग ने पकड़ा जोर

मुलताई को जिला बनाने की मांग ने पकड़ा जोर
मुलताई। गुरूवार को अधिवक्ता संघ द्वारा प्रदेश के राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन भेजा गया है, इस ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने मांग की है कि मुलताई को जल्द से जल्द जिला बनाया जाए, अधिवक्ताओं ने यह भी बताया कि मुलताई को जिला बनाया जाना क्यों जरूरी है, मुलताई को जिला नहीं बनाने से लगातार मुलताई का विकास अवरूद्ध हो रहा है और यहां के युवा रोजगार के लिए पलायन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। मुलताई को जिला बनाने का मामला पूरी तरह से ठंडे बस्ते में चला गया है, इधर अधिवक्ता संघ द्वारा मुलताई को जिला बनाने के लिए आंदोलन शुरू करने की घोषणा की गई थी। इसी के चलते अब अधिवक्ता संघ द्वारा राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर इसकी शुरूआत की गई है। मुलताई को जिला बनाने के लिए एक समिति का भी गठन हुआ था, लेकिन उस समिति द्वारा भी फिलहाल कोई मुहिम नहीं चलाई जा रही है, इधर बताया जा रहा है कि पांढुर्णा को भी जिला बनाने की कवायद चल रही है और कभी भी घोषणा भी हो सकती है, ऐसे में अब अधिवक्ता संघ द्वारा मुलताई को जिला बनाने के लिए बड़ा आंदोलन शुरू किया गया है। बैतूल जिले की सबसे बड़ी तहसील मुलताई होने के बाद भी मुलताई सालों से जिला बनने की राह ताक रही है। ताप्ती का उदगम स्थल होने और नगर में सिविल न्यायालय जिले के सामान है, लेकिन इसके बाद भी मुलताई को जिला बनाने का मामला पूरी तरह से ठंडे बस्ते में चला गया है। पट्टन , दुनावा को ठप्पा तहसील का दर्जा मिल चुका है, इसके साथ आमला,आठनेर तहसील मिलाकर शासन को मुलताई को जिला का दर्जा देने की मांग अधिवक्ता संघ द्वारा की गई है। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष गिरधर यादव ने बताया कि मुलताई को जिला बनाने के लिये अधिवक्ता संघ आंदोलन करेगा, जिसके लिए अधिवक्ता संघ ने गुरूवार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है। नगर में जिला बनाओ हस्तक्षार अभियान चलाया जायेगा, मुलताई को जिला बनाने के लिये नगर में फलैक्स लगाये जाएंगे। अध्यक्ष गिरधर यादव ने बताया कि अधिवक्ता संघ की कार्यकारणी में प्रस्ताव सर्वसमति से स्वीकृत हो गया, म.प्र. मुख्य मंत्री कमलनाथ के बाद अब राज्यपाल को सभी अधिवक्ताओ के हस्तक्षार वाला मुलताई जिला बनाओ ज्ञापन भेजा गया है। मुलताई को जिला बनाने के लिये आगे की रणनीति तैयार की जा रही है। इस अवसर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष गिरधर यादव, वरिष्ट अधिवक्ता एलके श्रीवास्तव, रमेश सूर्यवंशी, बलराम रघुवंशी, रवि यादव, जी.जी.घोड़े, पंकज यादव सहित पदाधिकारीगण एवं कार्यकारणी सदस्य उपस्तिथ थे। उद्योग नहीं होने से युवाओं की नही हो रही शादी युवा अधिवक्ता पंकज यादव ने बताया कि मुलताई सहित आसपास के क्षेत्र में कोई उद्योग,व्यसायिक रोजगार के साधन नही हैं। कोई युवा अधिवक्ता तहसील में विधि व्यसाय करता है,उसके बाद भी उसकी शादी नही हो पा रही है, मुलताई का युवा बेरोजगार है। तहसील होने के कारण आय के ज्यादा साधन नहीं है, मुलताई के कई युवाओं को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने कैबिनेट मंत्री सुखदेव पांसे से आग्रह किया है कि मुलताई में जल्द ही उद्योग खुलने चाहिये और मुलताई को जिला बनाया जाना चाहिए, तभी इन सभी समस्याओं का हल निकल पाएगा।