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रबी सीजन में किसानों को मिलेगा भरपूर सिंचाईं का पानी

रबी सीजन में किसानों को मिलेगा भरपूर सिंचाईं का पानी
बैतूल। जिले में पांच मध्यम एवं 168 लघु सिंचाईं परियोजनाओं के माध्यम से इस वर्ष 67927 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाईं सुविधा प्रदान की जाएगी। सभी किसानों को एक पलेवा का पानी एवं दो सिंचाईं के लिए पानी सहूलियत के साथ उपलब्ध होंगे। किसानों से आह्वान किया गया है कि वे रबी सीजन में मौसम के उपयुक्त फसलों का चयन करें ताकि अच्छा उत्पादन प्राप्त किया जा सके। पाला इत्यादि से प्रभावित होने वाली फसलें बोने से बचें। उक्त निर्णय सोमवार को आयोजित जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में लिए गए। बैठक में विधायक बैतूल निलय डागा, विधायक घोड़ाडोंगरी ब्रह्मा भलावी, विधायक आमला डॉ. योगेश पण्डाग्रे, कलेक्टर तेजस्वी एस. नायक, पुलिस अधीक्षक कार्तिकेयन के. सहित सिंचाईं विभाग के अधिकारी एवं जल उपभोक्ताओं संथाओं के अध्यक्ष मौजूद थे। बैठक को संबोधित करते हुए विधायक बैतूल निलय डागा ने कहा कि जल संसाधन विभाग के अधिकारी यथासमय नहरों की मरम्मत एवं साफ-सफाई सुनिश्चित करवाएं, ताकि किसानों को सहूलियत से सिंचाईं का पानी मिल सके। उन्होंने कहा कि टेल क्षेत्र के किसानों को पानी प्राथमिकता से मिले, इस बात का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। श्री डागा ने किसानों को उन्नत कृषि की जानकारी देने के लिए कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता शिविर लगाने के लिए भी कहा। इस दौरान विधायक श्री ब्रह्मा भलावी एवं डॉ. योगेश पण्डाग्रे ने किसानों को रबी सीजन में आवश्यक सहूलियतें उपलब्ध कराने के अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर श्री नायक ने अपने संबोधन में कहा कि जिले में रबी सीजन के लिए खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता के इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता में कोई अड़चन न आए। किसानों से अपेक्षा है कि वे मौसम के उपयुक्त फसलों का चयन करें, ताकि अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सके। किसान नई सोच के साथ फलोद्यान, मत्स्योत्पादन जैसे क्षेत्रों में भी आगे आएं एवं खेती से बेहतर लाभ प्राप्त करें। कलेक्टर ने कहा कि टेल क्षेत्र के किसानों को प्राथमिकता से पानी पहुंचे, इस बात के लिए भी सभी प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से कहा कि आवश्यकता पडऩे पर प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों की भी मदद ली जाए। कलेक्टर ने किसानों से आग्रह किया कि जिले में इस वर्ष पानी की भरपूर उपलब्धता है, वे इसका सदुपयोग करें। साथ ही पानी का अपव्यय होने से रोकें। बैठक में निर्णय लिया गया कि जल उपभोक्ता संथाओं के प्रतिनिधियों के साथ अधिकारी बैठक कर स्थानीय आवश्यकतानुरूप जलाशयों, बांधों की नहरों से पानी छोडऩे के निर्णय लिए जाएं। इस दौरान जल संसाधन संभाग बैतूल के कार्यपालन यंत्री अशोक डेहरिया एवं मुलताई के कार्यपालन यंत्री एसके सिलावट ने जिले की सिंचाईं व्यवस्था के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी दी। बैठक में उप संचालक कृषि द्वारा कृषि आदान की उपलब्धता पर जानकारी दी गई, वहीं उद्यानिकी विभाग की अधिकारी द्वारा किसानों से उद्यानिकी के क्षेत्र में आगे आने का भी आह्वान किया गया। बैठक में संबंधित अधिकारियों के अलावा जल उपभोक्ता संथाओं के अध्यक्ष मौजूद थे।