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रेल्वे के निजीकरण का सी.आर.एम.एस. कर रहा विरोध

रेल्वे के निजीकरण का सी.आर.एम.एस. कर रहा विरोध
आमला। रेल्वे में हो रहे निजीकरण का सी.आर.एम.एस. द्वारा विरोध किया जा रहा है साथ ही न्यू.पेंशन स्कीम के खिलाफ भी सेन्ट्रल रेल्वे मजदूर संघ भी सड़क पर उतरा है। सी.आर.एम.एस. द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है। निजीकरण और न्यू.पेंशन स्कीम से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी सी.आर.एम.एस. के पदाधिकारी अन्य कर्मचारियों को दे रहे है। सी.आर.एम.एस. की आमला शाखा के सचिव सतीश मीना ने एक मुहिम चलाई और रेल्वे के सभी विभागों और डिपो में जाकर कर्मचारियों से चर्चा की साथ ही निजीकरण, न्यू.पेंशन स्कीम के दुष्परिणामों के विषय में बताया और बताया कि यह एक गंभीर समस्या है। न्यू. पेंशन स्कीम से यूवा रेल कर्मचारी काफी परेशान है। वर्ष 2004 के बाद रेल्वे में आये यूवा कर्मचारियों को यह पता ही नही है कि भविष्य में पेंशन मिलेगी भी या नही और मिलेगी तो कितनी मिलेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार सी.आर.एम.एस. के पिछले दिनों आमला में हुऐ सम्मेलन के बाद संघठन ने रेल्वे के निजीकरण के खिलाफ लडाई तेज कर दी है। इसके अलावा रेल कर्मचारियों की अन्य समस्याऐें भी है कर्मचारियों की समस्याऐं भी सुनी जा रही है एकत्रित की गई है। और रेल्वे बोर्ड के चेयरमेन के समक्ष ये समस्याऐं प्रमुखता से रखी गई। सी.आर.एम.एस. की इस मुहिम में सी.आर.एम.एस. के व्ही.आर.साहू, जी.आर.तायवाड़े, शंकर बुआड़े, अरविंद मगरदे और दिनेश सोनी भी शामिल थे।