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कलेक्टर-एसपी ने शहीद स्मारक पर अर्पित किए पुष्प चक्र

कलेक्टर-एसपी ने शहीद स्मारक पर अर्पित किए पुष्प चक्र
बैतूल। पुलिसकर्मी सिर्फ बार्डर पर ही शहीद नहीं होते हैं बल्कि कत्र्तव्य निभाते हुए देश के भीतर भी शहीद होते हैं। ऐसे ही पुलिसकर्मियों की शहादत को याद करने के लिए 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। जिला मुख्यालय पर आरक्षित-रक्षित केंद्र बैतूल में भी पुलिस स्मृति दिवस पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कलेक्टर तेजस्वी एस नायक और पुलिस अधीक्षक कार्तिकेयन के ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किए। इस दौरान सम्मान पाकर शहीद हुए पुलिसकर्मियों के परिजनों की आंखों भर आई थी। सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष अलकेश आर्य, जिला कांगे्रस अध्यक्ष सुनील शर्मा, नेता प्रतिपक्ष मंगू सोनी, डीएसपी मोतीलाल कुशवाह, एसडीओपी आनंद राय, परेड कमांडर सूबेदार गजेन्द्र केन, टूआईसी सूबेदार प्रभा सिलावट, टीआई महेन्द्र सिंह चौहान, ट्रेफिक इंचार्ज सुबेदार संदीप सुनेश के अलावा गणमान्य नागरिक मौजूद थे। 292 नामावली का किया एसपी ने किया वाचन पुलिस स्मृति दिवस पर आज उन सभी शहीद पुलिसकर्मियों को जिला पुलिस द्वारा आयोजित श्रद्धाजंलि कार्यक्रम में श्रद्धासुमन अर्पित किए गए जो पुलिस सेवा के दौरान शहीद हुए है। इस दौरान शहीद सैनिकों के परिजनों को कलेक्टर तेजस्वी एस नायक एवं एसपी कार्तिकेयन के द्वारा सम्मानित किया गया। एसपी कार्तिकेयन के द्वारा 292 शहीदों की नामावली का वाचन किया गया। शहीद जवानों में दो जवान मध्यप्रदेश के भी थे। 21 अक्टूबर देश में पुलिस दिवस के रुप में मनाया जाता है। पुलिस शहीद दिवस पर रक्षित केन्द्र में शहीद स्मारक के सामने आयोजित कार्यक्रम में सुबह 9 बजे कलेक्टर तेजस्वी एस नायक एवं एसपी कार्तिकेयन के ने शहीद स्तंभ के सामने पुष्प चक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पुलिस बल ने शस्त्रों से शहीदों को सलामी दी। कार्यक्रम की शुरुआत में कलेक्टर एवं एसपी ने पुलिस परेड की सलामी ली। जुबां पर आ गया शहीदों के परिजनों का दर्द रक्षित केन्द्र में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर एवं एसपी ने शहीदों के परिजनों को शॉल एवं श्रीफल से सम्मानित किया। इस दौरान कलेक्टर परिजनों से उनकी समस्याएं भी पूछते रहे। शहीद दीपक यादव की माताजी ने भी कुछ परेशानियां बताई जिस पर कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान में लिया। इधर एसपी कार्तिकेयन के ने भी शहीदों के परिजनों को यदि किसी तरह की परेशानी है तो यह जानकारी लेने के निर्देश आरआई मनोरमा बघेल को दिए। सम्मान के दौरान शहीद बेटों को याद कर परिजनों का दर्द छलक उठा। पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में आज वीर वधु संगीता आहके नहीं पहुंची थी। गत वर्ष भी शहीदों के परिजनों की समस्याओं की जानकारी तत्कालीन एसपी डीआर तेनीवार ने ली थी तो संगीता ने अपनी पीड़ा बताई पर बीते एक साल में भी समाधान नहीं हो पाया। ट्रांसफर के लिए भटक रही वीर वधू 2013 में छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सली हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान मदनलाल आहके की पत्नि संगीता आहके बीते छह वर्ष से अपने ट्रांसफर के लिए भटक रही है। रोज बैतूल से नहरपुर (भीमपुर) तक 85 किमी का सफर तय करना पड़ता है। शहीद की पत्नि अपने बेटी को घर पर अकेला छोड़कर स्कूल पढ़ाने जाती है। कई बार उन्होंने अपनी समस्या को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन किसी ने उनकी समस्या नहीं सुनी। शहीद की पत्नि ने कहा कि पुण्यतिथि होती है उसी समय हर कोई याद करता वैसे कोई नहीं पूछता है। कार्यक्रम में शहीदों के परिजनों ने अपनी पीड़ा को उजागर किया। कोई नहीं करता सुनवाई संगीता आहके ने बताया कि इस वर्ष भी उन्होंने सितंबर में ट्रांसफर के लिए ऑनलाईन आवेदन दिया था। एसी कार्यालय में भी आवेदन जमा किया परंतु हर बार की तरह इस बार भी सुनवाई नहीं हुई। यही नहीं संगीता की बेटी सोनाक्षी अब 9 वर्ष की हो गई है। उसे कामकाजी दिनों में स्कूल से घर लौटने में ही रात के आठ बज रहे है। दुलारा ग्राम बैतूल मुख्यालय से भी दूर होने के कारण वह फिलहाल बैतूल में ही किराए के मकान में रहती है। यहां देखरेख के लिए बेटी के साथ उसकी बुआ रह रही है परंतु संगीता को अपनी बेटी की चिंता सता रही है। जनप्रतिनिधि से लेकर प्रशासन का छह वर्ष से लगातार दरवाजा खटखटा रही वीरवधु अब अपने संघर्ष में लगातार मिल रही नाकामी की वजह से हताश होने लगी है। कई शहीदों के परिजनों को नहीं मिली सूचना जिला मुख्यालय पर मिनट-टू -मिनट होने वाले पुलिस स्मृति कार्यक्रम में जिले भर के शहीदों के परिजनों को आमंत्रित किया जाकर उन्हें सम्मानित करना था लेकिन जानकारी के अनुसार एक दर्जन से अधिक शहीदों के परिजन बैतूल जिले में निवासरत है जिनमें से मुश्किल से पांच परिवार ही पहुंचे थे। परमंडल के शहीद मनोज चौरे के भाई, बैतूल के शहीद दीपक यादव की माताजी, जाड़ीढाना के शहीद किशोरी उईके के पिता एवं भाई के अलावा दो अन्य शहीदों के परिजन कार्यक्रम में पहुंचे। दुलारा के शहीद मदनलाल आहके की वीरवधु संगीता आहके ने चर्चा के दौरान बताया कि उन्हें आज के कार्यक्रम के संबंध में कोई सूचना नहीं मिली। अन्यथा वे कार्यक्रम में पहुंचती। इनका कहना... मेरे संज्ञान में आपके माध्यम से यह बात आई है। यदि उनके द्वारा आवेदन किया गया है तो फालोअप किया जाएगा। समस्या का निराकरण करेंगे। तेजस्वी एस नायक, कलेक्टर, बैतूल हमारे द्वारा सभी शहीदों के परिजनों को सूचना करवाई थी। यदि परिजनों को सूचना नहीं मिली है तो मैं जानकारी लेता हूं। कार्तिकेयन के, एसपी, बैतूल