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कुपोषित बच्चे को आंगनवाड़ी में दिया बदबूदार खाना

कुपोषित बच्चे को आंगनवाड़ी में दिया बदबूदार खाना
बैतूल। प्रदेश सरकार कुपोषण खत्म करने के लिए तमाम प्रयास करते हुए अनेको कार्यक्रम भी संचालित कर चुकी है बावजूद इसके कुपोषण खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इन दिनों प्रदेश सरकार द्वारा कुपोषण खत्म करने आंगनवाडिय़ों में अण्डा परोसने की बात भी कही जा रही है। सरकार द्वारा तमाम प्रयास और जतन तो किए जा रहे हैं लेकिन जमीन स्तर पर कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है जिससे सिर्फ योजना बदल रही है कुपोषण की दिशा में सकारात्मक पहल नहीं हो पा रही है। जबकि होना यह चाहिए कि निचले स्तर तक सुधार होना चाहिए ताकि ऊपर से संचालित योजना का लाभ समाज के आखरी छोर पर रह रहे व्यक्ति को भी मिल सकें और उसका बच्चा भी कुपोषित से पोषित की श्रेणी में आ सकें। सोमवार को एक ही कुपोषण का मामला चर्चा का विषय बना रहा। इस मामले में यह सामने आया कि एक कुपोषित बच्चे को आंगनवाड़ी सहायिका द्वारा बदबूदार खाना दे दिया। बच्चे को दिया गया खाना जब उसके परिजनों ने खोला तो उसमें से बदबू आ रही थी बस फिर क्या था? देखते ही देखते बवाल मचा दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रताप वार्ड की आंगनवाड़ी में सहायिकाओं की अनदेखी और स्वसहायता समूह की लापरवाही के चलते एक कुपोषित बच्चे को खराब खाना दे दिया गया। खाना बासा होने के कारण खाने का स्वाद बदल गया था। खाना लेकर जब बच्चे के परिजन घर पँहुचे और बच्चे का टिफिन देखा तो खाने से बदबू आ रही थी। बच्चे के परिजन तुरन्त आंगनवाड़ी पहुंचे और जमकर नाराजगी जताई। बच्चे की माँ संगीता वाघ ने बताया कि उनका बच्चा कुपोषित है इसलिए सहायिका का कहना है कि बच्चे को आंगनवाड़ी से मिलने वाला भोजन खिलाना ही है। यदि कुपोषित बच्चे को ऐसा खाना खिलाएंगे तो बच्चे का वजन बढऩा तो दूर की बात है वह और बीमार हो जाएगा और यंहा प्रतिदिन एक ही प्रकार का खाना दिया जाता है। जबकि यहां मेनू के हिसाब से खाना देने का नियम है इन्ही सब बातों को लेकर महिला बाल विकास अधिकारी को शिकायत की है। शिकायत के बाद विभाग की सुपरवाइजर शिवांगी नामदेव का कहना है कि बच्चे के परिजनों ने खराब खाना देने की शिकायत की है उसकी जांच कराई जाएगी और खाना बनाने वाले समूह पर कार्यवाही करेंगे।