BREAKING NEWS

अतिक्रमणकारियों के कब्जे में है पीएचई विभाग की बेशकीमती जमीन

अतिक्रमणकारियों के कब्जे में है पीएचई विभाग की बेशकीमती जमीन
मुलताई। पीएचई मंत्री सुखदेव पांसे के गृहनगर मुलताई में संबन्धित विभाग पीएचई के अधिकारियों की लापरवाही से विभाग की बेशकीमती भूमि पर बेजा अतिक्रमण एवं अवैध कब्जा दिनों दिन बढ़ते जा रहा है। विभाग द्वारा भूमि का सीमांकन करने के बावजूद अवैध रूप से कब्जा किए अतिक्रमणकरियों का अतिक्रमण नही हटाया जा रहा है जिससे भूमि पर बड़ी मात्रा में कबाड़ एवं अन्य सामग्री पड़ी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पीएचई विभाग की साप्ताहिक बाजार स्थल पर जो भूमि है उस पर वर्षों से कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण किया हुआ है। पूर्व में विभाग का कार्यालय स्टेशन रोड पर किराए के मकान में संचालित किया जा रहा था इसलिए विभाग द्वारा भूमि पर होने वाले अतिक्रमण पर ध्यान नहीं दिया गया जिससे कबाडिय़ों सहित अन्य लोगों ने उक्त भूमि पर जमकर अतिक्रमण कर लिया गया। इसके बाद विभाग द्वारा उक्त भूमि पर कार्यालय का निर्माण किया गया साथ ही भूमि का सीमांकन भी किया गया। वर्तमान में विभाग के ठीक सामने ही कबाड़ डालकर किया गया बेजा अतिक्रमण खुलेआम नजर आ रहा है लेकिन अधिकारियों द्वारा इस ओर ध्यान नही दिया जा रहा है। अधिकारियों की लापरवाही से दिनों दिन अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है और अधिकारी हाथ पर हाथ धरे तमाशबीन बने हुए हैं। पूरे मामले में पीएचई के अधिकारियों से जब भी चर्चा की गई उनके द्वारा हमेशा यही कहा गया कि अतिक्रमण हटाया जाएगा लेकिन लंबे समय बाद भी भूमि पर से अतिक्रमण नही हटाए जाने से यह यह साफ नजर आने लगा है कि अधिकारी ही अतिक्रमण हटाना नही चाहते। सीमांकन के बावजूद नहीं बनाई गई बाउंड्री पूरे मामले में यह उल्लेखनीय है कि जब पीएचई विभाग द्वारा भूमि का सीमांकन कर अतिक्रमण भी चिन्हित किया गया है लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण हटाते हुए बाउंड्री क्यों नही बनाई जा रही है। विभाग की कार्यालय के आसपास सहित सामने की ओर आगे तक भूमि है जहां आसपास के लोगों द्वारा खुलेआम अतिक्रमण किया गया है लेकिन अधिकारियों की इच्छा शक्ति के अभाव में भूमि का उपयोग अतिक्रमणकारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि पीएचई की उक्त भूमि पर कबाडिय़ों के द्वारा लगातार अतिक्रमण बढ़ाया जा रहा है लेकिन इसके बावजूद अधिकारी उदासीन बने हुए है। तहसीलदार ने कहा कि हो चुका है सीमांकन पीएचई विभाग की करोड़ों की लावारिस पड़ी भूमि के मामले में जब तहसीलदार सुधीर जैन से चर्चा की गई तो उन्होने बताया कि उक्त भूमि का राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन किया जा चुका है। साथ ही पीएचई विभाग के अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि जब भी वे बाउंड्री का निर्माण करेगें तब राजस्व अमला पुन: स्थल पर मौजूद रहेगा। तहसीलदार जैन ने कहा कि अब आगे की कार्रवाई पीएचई विभाग को करना है। पूरे मामले यह उल्लेखनीय है कि पीएचई विभाग का कार्यालय उक्त भूमि पर होने के बावजूद भी विभाग की जमीन पर कबाडिय़ों द्वारा कबाड़ डाला जा रहा है लेकिन प्रतिदिन अधिकारियों द्वारा वहां रहने के बावजूद कभी कार्यवाही नही की गई। कबाड़ के कारण होती है चोरी की घटना पटेल वार्ड में पीएचई की भूमि के आसपास निवासरत लोगों को भी अतिक्रमण के कारण रोष व्याप्त है। आसपास के लोगों ने बताया कि विभाग की भूमि पर कबाडिय़ों द्वारा लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है। एैसी स्थिति में चोरी का भय भी बना रहता है। पटेल वार्ड के रमेश कड़वे सहित अन्य लोगों ने बताया कि अनेकों बार इस संबन्ध में पीएचई विभाग को सूचित किया जा चुका है लेकिन इसके बावजूद विभाग द्वारा बाऊंड्री नही बनाई जा रही है। इधर जब पूरे मामले को लेकर पीएचई विभाग के एसडीओ अमर दाहिया से फोन पर संपर्क करना चाहा तो उनका फोन बंद बताया गया।