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अंभोरा ब्रिज निर्माण करने खोद दिए मार्ग किनारे बड़े-बड़े गड्ढे

अंभोरा ब्रिज निर्माण करने खोद दिए मार्ग किनारे बड़े-बड़े गड्ढे
मुलताई। मासोद रोड पर अंभोरा नदी पर हो रहे ब्रिज निर्माण में मार्ग के किनारे लगभग 10 से 15 फीट गढ्ढे खोद के छोड़ दिए गए हैं जिससे रात में कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। नियमानुसार निर्माण ऐजेन्सी द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से गढ्ढों के सामने बेरिकेट्स या रेडियम युक्त पट्टियां लगाना था लेकिन मार्ग के ठीक बाजू में खोदे गए इन बड़े गढ्ढों में सुरक्षा की दृष्टि से कोई भी निशान तक नही लगाए गए हैं। ऐसे में रात में उक्त मार्ग से गुजरने वाले वाहनों के लिए समस्या खड़ी हो सकती है। मुलताई से आठनेर तक मार्ग निर्माण के बाद अंभोरा नदी पर बड़े पुल की मांग क्षेत्रवासियों ने की थी जिसके बाद अलग से ब्रिज स्वीकृत होकर उसका निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ है। बहुप्रतिक्षित इस ब्रिज से बारिश में अवरूद्ध होने वाले आवागमन से राहत मिल सकती है लेकिन ब्रिज निर्माण के प्रथम चरण में ही निर्माण ऐजेन्सी की लापरवाही सामने आ रही है। ब्रिज निर्माण के लिए मार्ग के दोनों ओर बड़े-बड़े गढ्ढे किए गए हैं जिसमें मुलताई से मासोद जाते समय मोड़ पर दो गढ्ढे मार्ग के ठीक करीब ही खोद दिए गए हैं जिनके सामने कोई भी सुरक्षा के प्रबंध नहीं किए गए हैं। दिन में तो उक्त गढ्ढे नजर आ जाते हैं लेकिन रात में दुर्घटना से इंकार नही किया जा सकता। मुलताई से मासोद जाते समय मार्ग पर ढलान के बाद मोड़ आता है जिसके बाजू में ही बड़े गढ्ढे खोदे गए हैं। पुल संकरा होने के कारण साईड लेते समय कोई भी वाहन गढ्ढे में समा सकता है तथा विशेष रूप से दुपहिया वाहनों के लिए उक्त गढ्ढे गंभीर साबित हो सकते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गढ्ढों को खोदने के बाद सुरक्षा के पूरे प्रबंध किए जाना चाहिए लेकिन बड़े गढ्ढों को लापरवाही पूर्वक छोड़ दिया गया है जिससे भविष्य में दुर्घटना होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? पूर्व में सांडिया के पास हो चुकी है बड़ी दुर्घटना मार्ग सहित पुल निर्माण में निर्माण ऐजेन्सियों द्वारा जमकर लापरवाही बरती जाती है जो लोगों के जान से खेलती है। मासोद मार्ग पर ही सांडिया के पास पूर्व में एक दुर्घटना में वृद्ध की मौत हो चुकी है। उक्त मार्ग निर्माण के समय सांडिया के पास पुलिया निर्माण में बड़ा गढ्ढा खोद कर छोड़ दिया गया था जिसके पास भी सुरक्षा के कोई प्रबंध नही करने से चंदोराकला निवासी वृद्ध की रात को लौटते समय बाईक सहित गढ्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। उक्त मामले में निर्माण ऐजेन्सी सहित संबन्धित विभाग के अधिकारियों पर भी प्रकरण दर्ज हुआ है लेकिन इसके बावजूद निर्माण चरण में लापरवाही की जाती है जिससे वाहन चालकों की मौत तक हो जाती है। इस वर्ष भी होगा आवागमन अवरूद्ध बारिश में अंभोरा नदी का पानी पुल पर से गुजरने से लगातार आवागमन अवरूद्ध होता है इसलिए बड़े पुल के निर्माण की मांग की गई थी। पुल स्वीकृत होने के बाद लंबे समय तक निर्माण कार्य प्रारंभ नही किया गया। वर्तमान में निर्माण ऐजेन्सी द्वारा मात्र बड़े-बड़े गढ्ढे खोदकर छोड़ दिए गए हैं लेकिन कार्य प्रगति पर नही है। फिलहाल बारिश का मौसम आने में सिर्फ एक माह का ही समय बाकि है इस हिसाब से पुल निर्माण में लंबा समय लग सकता है। इससे यह साफ है कि इस वर्ष भी लोगों को बारिश में उक्त नदी पर आवागमन अवरूद्ध होने का सामना करना पड़ेगा। श्रेय लेने के लिए लगती है होड़ फिलहाल जिस अंभोरा नदी पर ब्रिज का निर्माण हो रहा है उसका श्रेय लेने के लिए कांग्रेस एवं भाजपा में होड़ लगी हुई थी। भाजपा जहां उसे अपने कार्यकाल में स्वीकृत बता रही थी वहीं कांग्रेस ने ब्रिज स्वीकृत कराने के लिए अपना दावा ठोका था। दोनों ही दलों ने विज्ञप्तियों के माध्यम से मौके का पूरा फायदा उठाने का प्रयास किया था। लेकिन वर्तमान मे ब्रिज निर्माण में हो रही बड़ी लापरवाही पर दोनों ही दलों का ध्यान नही है जबकि उक्त मार्ग से दोनों ही दलों के प्रमुख नेता गुजरते हैं लेकिन लोगों की जान से खेलने वाले इन गढ्ढों में सुरक्षा नियमों का पालन कराने कोई भी दल का नेता आगे नही आया।

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