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आरक्षण खिड़की अलग नहीं होने से परेशान हो रहे यात्री

आरक्षण खिड़की अलग नहीं होने से परेशान हो रहे यात्री
मुलताई। नगर के रेलवे स्टेशन पर आए दिन यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, आरक्षण खिड़की अलग नहीं होने से यात्रियों को ट्रेनों के स्टापेज के समय के आधा घंटे पहले से आरक्षित टिकीट नहीं दिया जाता, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों की मांग है कि एक आरक्षण खिड़की अलग से खोली जाए, जिसमें पूरे समय आरक्षित टिकीट मिले, जिससे यात्रियों को परेशानी ना उठाना पड़े। नगर के रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को आरक्षित टिकट के लिए घंटे इंतजार करना पड़ रहा है, हालात यह है कि यदि कोई यात्री ट्रेन के स्टापेज के समय आरक्षित टिकीट मांगने पहुंच जाए तो उसे टिकीट नहीं मिलती है। कई बार यात्रियों द्वारा शिकायत पुस्तिका में इसकी शिकायत दर्ज करने के लिए शिकायत पुस्तिका भी मांगी है, लेकिन उन्हें शिकायत पुस्तिका नहीं दी जाती है। पिछले दिनों दो खिड़कियां चालू की गई थी, लेकिन बाद में एक खिड़की को कम व्यवसाय का बहाना बताकर बंद कर दिया गया। जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। सुबह 11 बजे दक्षिण, दोपहर में गोंडवाना, पैंसेंजर और रात में पैसेंजर और त्रिशताब्दी के समय आरक्षण नहीं मिलता, टिकीट के लिए यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। जिससे यात्रियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पवित्र नगरी होने के कारण बडी संख्या में श्रद्घालु मुलताई आते हैं,ट्रेनों का आवश्कतानुसार स्टापेज नहीं होने से लोग परेशान होते है, जिनके लिए यदि उक्त ट्रेनों का स्टापेज हो जाएगा तो नगर में आने वाले श्रद्घालुओं की संख्या भी बढ जाएगी। बताया गया है कि छेाटे-छोटे स्टेशनों पर इस ट्रेन का स्टापेज दिया गया है, लेकिन मुलताई को छोड दिया गया है। मुलताई तहसील से लगभग चार सौ गांव जुडे है, लेकिन इसके बाद भी मुलताई की अनदेखी की जा रही है। मुलताई में केवल 8 गाडियों का स्टापेज है, इसके बाद भी यहां और गाडियों का स्टापेज नहीं किया जा रहा है। श्रद्घालु मुलताई आते है, लेकिन वापसी के लिए उन्हें या तो नागपुर जाना पडता है या बैतूल जाकर ट्रेन पकडनी पडती है, जिससे उन्हें परेशानी होती है। ओव्हर ब्रिज भी नहीं बना नगर में ओव्हर ब्रिज की मांग भी लंबे समय से उठ रही है, लेकिन यह मांग भी अधर में लटकी हुई है। हालत यह है कि लोगों को दिन में सौ बार से ज्यादा रेल्वे गेट बंद होने से परेशान होना प$डता है और अपना कीमती समय गवांना पडता है, बार-बार आंदोलन के बाद भी लोगों की इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है, ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और तेज गर्मी में गेट खुलने का इंतजार भारी प$डता है, बच्चों को इस पार आने के रेल्वे पटरी पार करनी प$डती है, जिससे कई बार हादसे भी हो चुके हैं।

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