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कोरोना वार्ड से स्वस्थ्य हुए सभी संदिग्ध एक दर्जन मरीज

कोरोना वार्ड से स्वस्थ्य हुए सभी संदिग्ध एक दर्जन मरीज
बैतूल। कोरोना वायरस कोविड-19 से आम आदमी ही नहीं बल्कि डॉक्टर और नर्से भी इतनी अधिक दहशत में है कि जरा बहुत भी लक्षण दिखाई देने या फिर यह कहे कि सर्दी-खांसी-जुकाम की शिकायत मरीज द्वारा बताते हुए तत्काल उसे कोरोना वार्ड में ना सिर्फ भर्ती कर रहे हैं बल्कि उसका कोरोना सेम्पल भी लिया जा रहा है। इससे मरीजों सहित अस्पताल के कर्मचारियों में दहशत का माहौल व्याप्त हो रहा था लेकिन जैसे ही कोराना वार्ड की कमान जिले के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. ओपी माहोर एमडी मेडिसिन ने अपनी टीम के साथ संभाली अब इस वार्ड की सिर्फ दशा ही नहीं बल्कि दिशा भी बदल गई है। जब डॉक्टर माहोर ने कोरोना -19 वार्ड का चार्ज लिया था उस दौरान इस वार्ड में एक दर्जन से अधिक मरीज यहां पर भर्ती थे लेकिन अपने लंबे चिकित्सालय पेशे के अनुभव और डायग्रोस के चलते डॉक्टर माहोर और उनकी टीम में शामिल वार्ड की नर्से रामकला वागद्रे, मीना डोंगरे एवं संध्या भटनागर द्वारा एक-एक मरीज को डॉक्टर माहोर द्वारा बताए गए मरीज को ट्रीटमेंट देकर सभी को ना सिर्फ स्वस्थ्य कर दिया है बल्कि उनकी छुट्टी भी दे दी गई है। वर्तमान में कोरोना-19 वार्ड में सिर्फ एक ही मरीज भर्ती है जिसकी भी एक रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है जबकि दूसरा सेम्पल निगेटिव आते ही इसकी भी छुट्टी दे दी जाएगी। कोरोना को लेकर तो यहां तक चल रहा है कि जिला अस्पताल के कोरोना वार्ड में एक चिकित्सक ने टाईफाइड पीडि़त युवती को ही भर्ती कर दिया था। इतना ही नहीं इस युवती का कोरोना सेम्पल भी ले लिया गया। हालांकि कोरोना सेम्पल निगेटिव आया लेकिन डॉक्टर माहोर ने जैसे ही वार्ड का चार्ज लिया और इस बच्ची को देखा तो वह देखते ही समझ गए कि इसे कोरोना हो ही नहीं सकता है। उसकी केस हिस्ट्री देखकर उन्हें यह समझने में देर नहीं लगी कि युवती को टाईफाइड है। अंतत: डॉ. माहोर ने युवती का विडाल टेस्ट करवाया और इस टेस्ट की रिपोर्ट भी पाजिटिव आई। विडाल टेस्ट टाइफाइड की पुष्टि करने के लिए ही किया जाता है। रिपोर्ट आते ही जब डॉक्टर ओपी माहोर ने उपचार देना प्रारंभ किया तो युवती को तीन दिनों में ही आराम मिल गया और उसे छुट्टी दे दी गई। जबकि इस युवती को कोरोना वार्ड में 12-13 दिनों से भर्ती कर रखा गया था। बहरहाल जिले के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. ओपी माहोर एमडी मेडिसिन को कोरोना वार्ड का प्रभारी बनाने से जहां मरीजो ंको एक अनुभवी डॉक्टर के अनुभवों का लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है हर मरीज को कोरोना बताकर भर्ती करने पर भी अंकुश लग गया है। डॉक्टर माहोर के लंबे अनुभव का लाभ जिला अस्पताल के अन्य मरीजों को भी इस विषम परिस्थितियों में मिल रहा है जो कि जिले के लिए अच्छी बात है।

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