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गर्भवती महिला को एक किमी. स्ट्रेचर पर पैदल लाया

गर्भवती महिला को एक किमी. स्ट्रेचर पर पैदल लाया
मुलताई। आमला ब्लाक के ग्राम खजरी में एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर उसे अस्पताल तक पहुंचाने के लिए संजीवनी 108 के स्टाफ को भारी मशक्कत करना पड़ा। रास्ता कच्चा होने और गांव तक वाहन नहीं पहुंचने के चलते संजीवनी 108 के स्टाफ ने ग्रामीणाों की मदद से एक स्ट्रेचर पर गर्भवती महिला को लिटाकर लगभग एक किमी तक पैदल चलते हुए वाहन तक लाया। बोरदही के सरकारी अस्पताल में महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया, लेकिन दोनों ही बच्चों की मौत हो गई। आमला ब्लाक के खजरी-डेयरी में शनिवार को ललीता पति दिनेश उम्र 23 साल को अचानक प्रसव पीडा होने पर परिजनों ने जननी एक्सप्रेस को फोन लगाया, लेकिन गांव तक वाहन नहीं पहुंचने की दशा में ग्रामीणों ने संजीवनी 108 को सूचना दी। संजीवनी गांव के बाहर लगभग एक किमी पहले तक पहुंच गई। इसके बाद संजीवनी के स्टाफ मनोज साबले सहित पायलट प्रमोद सूर्यवंशी द्वारा ग्रामीणों की मदद से महिला को एक स्ट्रेचर पर लिटाया गया और स्ट्रेचर उठाकर एक किमी तक पैदल चलकर आए। इसके बाद महिला को संजीवनी 108 की मदद से बोरदही के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बैतूल रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में ही दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि महिला लगभग सात माह की गर्भवती थी और प्री-म्योचोर डिलवेरी होने से बच्चों की मौत हो गई। गांव तक नहीं बनी सड़क, लोग हो रहे परेशान आमला ब्लाक के ग्राम खजरी डहरी को ढाने के तौर पर देखा जाता हैे। बताया जा रहा है कि इस गांव के पहुंच मार्ग का निर्माण अभी तक नहीं हुआ है। ऐसे में ग्रामीणों को बारिश में भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश में घुटनों तक कीचड़ हो जाता है। कई बाद ग्रामीण ईलाज के अभाव में दम तोड़ चुके है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को होती है, गर्भावस्था में महिलाओं को आकस्मिक तौर पर जब स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्कता होती है तो इसी तरह की समस्यााओं का सामना करना पड़ता है। हर बार गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती है, जिससे कई बार मौते हो चुकी है।

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