BREAKING NEWS

जंगल में बनाई गई झिरिया से बुझ रही वन्य प्राणियों की प्यास

जंगल में बनाई गई झिरिया से बुझ रही वन्य प्राणियों की प्यास
मुलताई। भीषण गर्मी में पानी की तलाश में प्यास से व्याकुल वन्य जीव अक्सर गांवों की ओर रूख करते हैं। इससे अनेक दुर्घटनाएं भी होती है, कभी वन्य जीव कुंओं में गिर जाते हैं तो कभी ग्रामीणों का शिकार बनते हैं। ऐसी स्थिति में दक्षिण वन मंडल के अधिकारियों द्वारा एक सार्थक पहल करते हुए अंदरूनी वन्य क्षेत्रों में प्राकृतिक झिरियाओं को खोद कर वन्य प्राणियों के लिए पानी की व्यवस्था की गई है ताकि वन्य प्राणियों को वनों में ही पानी मिल सके और वे पानी की तलाश में भटके नहीं। वन विभाग के रेंजर अमित साहू ने बताया कि एसडीओ एच सी बघेल के मार्गदर्शन में सूदूर वन क्षेत्रों में प्राकृतिक जलस्त्रोत की तलाश कर उन्हे गहरा किया गया जिसके बाद से ही उक्त प्राकृतिक जलस्त्रोतों पर पानी पीने के लिए वन्य प्राणी बड़ी संख्या में पहुंच रहे है तथा पानी पीकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस पहल से वन्य प्राणियों को उनके ही क्षेत्र में पानी उपलब्ध हो गया है अन्यथा पानी के लिए दूर-दूर तक वन्य प्राणी भटकते थे एवं ग्रामीण अंचलों में पहुंच जाते थे जिससे स्थिति खराब हो जाती थी। रेंजर अमित साहू ने बताया कि जल स्त्रोतों का गहरीकरण करने के बाद उक्त स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए जिनकी फुटेज जब देखी गई तो पाया कि बड़ी संख्या में वन्य जीव पानी पीने आ रहे हैं। उन्होने बताया कि हर झिरिया पर वन्य प्राणी हर थोड़ी देर में पहुंच रहे हैं वहीं रात में भी वन्य प्राणी झिरिया से अपनी प्यास बुझा रहे हैं जिससे प्राकृतिक जलस्त्रोतों के सुधार की पहल सफल मानी जा रही है। उन्होने बताया कि इस पहल से ऐसे वन्यजीव जिनकी पानी की तलाश में भटककर मौत हो जाती थी अब नही होगी। बड़ी संख्या में गांवों में पहुंचते थे वन्य प्राणी जब वन क्षेत्रों में भीषण गर्मी के दौरान वनस्त्रोत सूख जाते हैं वन्य प्राणी पानी की तलाश में गांवों के पास पहुंच जाते हैं एैसी स्थिति में कभी वन्य प्राणी ग्रामीणों को घायल कर देते हैं तो कहीं उनकी ही अवैध शिकार हो जाता है। अधिकांश वन्य प्राणी बिना मुंडेर के कुंओं में कई बार गिर जाते थे जिससे उनकी मौत हो जाती थी।

Betul News Copyright © 2020. All Rights Reserved

Chat Now