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देश के छोटे शहरों के सर्वेश्रष्ठ 10 स्कूलो में आरडी पब्लिक स्कूल: सांसद

देश के छोटे शहरों के सर्वेश्रष्ठ 10 स्कूलो में आरडी पब्लिक स्कूल: सांसद
बैतूल। बेहतर शिक्षा देने के लिए पूर्व सांसद स्व.विजय कुमार खण्डेलवाल ने जो सपना देखा था उसे आरडी पब्लिक स्कूल ने पूरा कर दिया है। अल्प समय में राष्ट्रीय, अंतराष्ट्रीय स्तरों पर अपनी पहचान बना चुके यह स्कूल भविष्य का सपना है। आदिवासी बाहुल्य जिले में ऐसे संस्थानों का होना अपने आप में गौरव की बात है। यह बात क्षेत्रीय सांसद दुर्गादास उईके ने आरडी किड्स स्कूल के नन्हें बच्चों की शंखनाद वार्षिकोत्सव के दौरान कही। कार्यक्रम में नर्सरी से केजी-2 कक्षा के बच्चों ने पर्यावरण और पेड़ बचाने को लेकर 80 के दशकों के गानों को नृत्य में बदलकर खूब वाह वाही बटोरी। कार्यक्रम में स्कूल के संस्थापक एवं पूर्व विधायक हेमंत खण्डेलवाल, डायरेक्टर रितू खण्डेलवाल, समाजसेवी मनोज खण्डेलवाल समेत बड़ी संख्या में पालक एवं शिक्षकगण मौजूद थे। केवल नन्हों बच्चों के इस वार्षिकोत्सव की शुरूआत सांसद एवं अतिथियों ने मां सरस्वती एवं पूर्व सांसद स्व. विजय कुमार खण्डेलवाल के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर की। शंखनाद की शुरूआत में केजी-1 कक्षा के बच्चों ने सुमधुर आवाज में सरस्वती वंदना की जब शुरूआत की तो खचाखच मैदान तालियों की गडगड़़ाहट से गूंज उठा। किसी को सहज यकीन नहीं हो रहा था कि बच्चों ने चंद दिनों की प्रेक्टिस में सरस्वती वंदना की इतनी बेहतरीन प्रस्तुति दी है। इस मौके पर सांसद ने कहा कि देश के छोटे शहरों के सर्वेश्रष्ठ 10 स्कूलो में आरडी पब्लिक स्कूल की गिनती हो रही है। आदिवासी जिले में ऐसे स्कूलों का होना हम सबके लिए गर्व की बात है। 3 से 6 वर्षो के विद्यार्थियों की दिल को छू लेने वाली प्रस्तुति से मन भावविभोर हो गया। यह नन्हें बच्चे देश का भविष्य है और भविष्य में राष्ट्रीय, अंतराष्ट्रीय स्तर पर अपना हुनर दिखाएंगे। उन्होंने बेहतरीन शिक्षा संचालन और इस तरह के कार्यक्रम के लिए संचालक रितू खण्डेलवाल और पूरे स्टॉफ को भी शुभकामनाएं दी। शंखनाद की खासियत यह रही कि मंच संचालन से लेकर अतिथियों का स्वागत भी नन्हें बच्चों ने किया। बच्चों की प्रतिभा पहचाने पालक:रितू शंखनाद कार्यक्रम में स्कूल की डायरेक्टर रितू खण्डेलवाल ने कहा कि मंच से 3-4 वर्ष के बच्चे गु्रप में डांस कर रहे है, यह मुश्किल बात है, लेकिन पालकों में इन बच्चों को तैयार करने के लिए शिक्षकों को पूरा सहयोग दिया और चंद दिनों की प्रेक्टिस के बाद मंच पर बिना हिचक के अपनी प्रस्तुति दे रहे है। पालकों के सहयोग से हम बच्चों में नया संस्कार लाने का प्रयास करते आ रहे है। उन्होंने कहा कि आज का समय प्रतिस्पर्धा का है। बच्चे बड़े होने के साथ आत्म निर्भर होना चाहते है। पालकों को उनकी समस्या सुनकर उसका निदान करना चाहिए, क्योंकि बच्चों के बारे में पालकों से अच्छा कोई नहीं जानता। उनकी प्रतिभा को पहचान कर यदि आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित करे तो सफलता कदम चुमेंगी। नृत्यों से दिया पर्यावरण का संदेश ऐसा पहली बार हो रहा है जब नर्सरी से केजी-2 तक के बच्चों ने हजारों लोगों की मौजूदगी में मंच पर बिना झिझक के सुंदर नृत्यों की प्रस्तुति दी। खासकर पेड़ बचाने के लिए मुझसे है सांसे, तुझमे में रावनी, मैं नहीं रहा तो....ना काटो मुझे, दर्द होता है जैसे पर्यावरण बचाने के गीत ने मौजूद हजारों लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्लॉस्टिक को करो ना...ना...ना...पर भी वाहवाही बटोरी। नन्हें बच्चों ने गणेश वंदना समेत घुमर, लूंगी, टोका टोका समेत अन्य गीतों पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत कर अमिट छाप छोड़ी। विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भी बांटी शंखनाद कार्यक्रम के दौरान ही आरडी पब्लिक स्कूल द्वारा करीब 9 विद्यार्थियों को अलग-अलग श्रेणियों में छात्रवृत्तियों का भी वितरण किया। सांसद डीडी उईके, डायरेक्टर रितू खण्डेलवाल, समाजसेवी मनोज खण्डेलवाल ने स्कूल के 10 वीं कक्षा के वेदांत चौहान को 1 लाख रूपये की छात्रवृत्ति का चैक प्रदान किया। इसके अलावा प्रखर आर्य कक्षा 8 वीं को 10 हजार रूपये, सारांश कुमार कक्षा 7 वीं को 5 हजार, हार्दिक दाबड़े कक्षा 8 वीं को 3 हजार रूपये की छात्रवृत्ति दी। इसके अलावा होशंगाबाद वर्धमान स्कूल के छात्र अमन पटेल को 1 लाख रूपये, एकलव्य हायर सेकेण्डरी स्कूल की छात्रा निहारिका चौधरी को 10 हजार, सेमीरिटर्नस हायर सेकेण्डरी स्कूल के छात्र अक्षत वर्मा को 5 हजार और एकलव्य हायर सेेकेण्डरी स्कूल के छात्र कृष्णा कटियार को 3 हजार रूपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई।

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