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नाला क्लोजर की अनुमति के लिए ईई को लिखा पत्र

नाला क्लोजर की अनुमति के लिए ईई को लिखा पत्र
मुलताई। मुलताई के पेयजल संकट के स्थाई निदान के लिए बनाई जा रहे हरदौली बांध का निर्माण अंतिम चरण में है, लेकिन इस बारिश में भी इस बांध में पानी रूक पाएगा या नहीं, इसको लेकर संशय बना हुआ है। कैबिनेट मंत्री सुखदेव पांसे ने स्पष्ट निर्देश दिए है कि इस साल बांध में पानी रूकना चाहिए। मंत्री के आदेश के बाद सीएमओ राहुल शर्मा द्वारा बांध के नाला क्लोजर की अनुमति के लिए संभागीय कार्यालय ईई आलोक चौकसे को पत्र लिखकर अनुमति मांगी है, अनुमति मिलते ही नाला क्लोजर का काम प्रारंभ हो जाएगा। बारिश का पानी बांध में रूकने से अगली गर्मी में नगरवासियों को जल संकट से नहीं जूझना पड़ेगा। गर्मी की दस्तक के साथ ही नगर में जल संकट की आहत सुनाई देने लगती है। इस जल संकट के स्थाई निदान के लिए 22 करोड़ रुपए की लागत से बन रही हरदौली जल आवर्धन योजना के तहत बनाए जा रहे हरदौली बांध का काम भी अब पूरा होने को है। ठेकेदार और परिषद की ढिलाई के चलते इस बारिश का पानी बांध में नहीं रूक पाया, क्योंकि नपा द्वारा पहले ब्लैक लिस्टेड ठेकेदार से बांध बनवाया जा रहा है। चौतरफा विरोध के बाद परिषद को मजबूरन में ठेकेदार को बदलना पड़ा, जिससे उक्त काम हवा में झूल गया। इधर मुलताई विधायक सुखदेव पांसे ने मंत्री बनते ही इस काम की मानिटरिंग शुरू की और जल्द से जल्द काम पूरा करने के आदेश दिए। जिसके चलते अब बांध का काम अंतिम चरण में है। बांध के नाला क्लोजर के काम के लिए ईई को पत्र लिखकर अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही नाला-क्लोजर का काम प्रारंभ हो जाएगा और इस बारिश का पानी बांध में रूकेगा, जिससे आने वाली गर्मी में लोगों को जल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। बताया जा रहा है कि नपा द्वारा लिए गए पत्र के बाद ईई मौके पर आकर निरीक्षण कर सकते हैं। उनके निरीक्षण के बाद नाला-क्लोजर की अनुमति मिल सकती है। अधिकारी द्वारा यह देखा जाएगा कि ठेकेदार के पास तीन महीने में बांध का काम पूरी करने के लिए जरूरी मशीने और टीम है या नहीं, यदि अधिकारी दौरे में संतुष्ठ होते हैं तो उनके द्वारा नाला क्लोजर की अनुमति प्रदान की जा सकती है और उसके बाद हरदौली बांध के नाला-क्लोजर का काम शुरू हो सकता है। पांच सालों में करोड़ों का पानी खरीद गई परिषद नगर के पेयजल संकट के नाम पर लाखों-करोड़ों की बंदरबाट मची है। परिषद द्वारा पंाच सालों में जल संकट के नाम पर करोड़ों रुपए का पानी खरीदा है, इसके बाद भी नगर में पांच दिन के अंतराल से जल प्रदाय किया गया और लोगों को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ा है। यदि समय रहते हरदौली बांध का काम पूरा हो जाता तो पानी की खरीदी रूक जाती, ऐसे में ब्लैक लिस्टेड ठेकेदार से काम करवाकर इस काम लंबा खींचा गया और इसका भुगतमान अब मुलताई के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इनका कहना हमारे द्वारा हमारे संभागीय अधिकारी को पत्र लिखकर नाला क्लोजर की अनुमति मांगी गई है, जल्द ही अनुमति मिलने की उम्मीद है। राहुल शर्मा, सीएमओ, मुलताई।

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