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वीडियो कॉन्फ्रेंसिग से शुरू हुई अर्जेंट मामलों की सुनवाई

वीडियो कॉन्फ्रेंसिग से शुरू हुई अर्जेंट मामलों की सुनवाई
बैतूल। अभिभाषकों को भी न्यायालय में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं, सोशल डिस्टेंसिंग का होगा पालन इसमें सबसे अच्छी बात यह है की अधिवक्ता को न्यायालय में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है। उनको वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कनेक्ट कर कर सुनवाई की जा सकती है। इस तकनीक से मामलों की सुनवाई करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सकेगा। उक्त जानकारी न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं जिला रजिस्टार ने दी। जिले के न्यायालयों में चल रहे अर्जेंट मामलों की सुनवाई अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी। कोरोना वायरस से बचाव के लिए सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देश एवं उच्च न्यायालय मध्य प्रदेश के आदेशानुसार जारी दिशा-निर्देश से जिला न्यायालय में सुनवाई शुरू हो चुकी है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमरनाथ केशरवानी ने सभी न्यायाधीशों को सूचना प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी का उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि व्हीसी के माध्यम से अति आवश्यक प्रकरणों की सुनवाई करने में खास बात यह है कि केवल न्यायधीश को ही न्यायालय में उपस्थित रहना है इसके अतिरिक्त अभियोजन अधिकारी, शासकीय अधिवक्ता एवं अधिवक्ता अपने घर पर ही मौजूद रहकर अपने अपने पक्षकारों की पैरवी कर सकते हैं। इस तरह की कार्यवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप वीडियो के माध्यम से की जा रही है। इसके तहत न्यायाधीश के द्वारा एक लिंक संबंधित प्रकरण के अधिवक्ता एवं शासकीय अधिवक्ता को भेजी जाती है,जिसको क्लिक करते ही वे विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कनेक्ट हो जाते हैं इस तरह से मामले की सुनवाई पूर्ण हो जाती है। इसी माध्यम से जेल में बंद कैदियों की सुनवाई भी की जा रही है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने नि:शुल्क विधिक सहायता प्रदान करने के लिए पैनल अधिवक्ताओं की सूची उनके मोबाइल नंबरों के साथ तैयार की है। ऐसे में यदि किसी पक्षकार के पास स्वयं का अधिवक्ता करने के लिए पर्याप्त साधन नहीं है तो वह निशुल्क विधिक सहायता भी ले सकता है।

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