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श्रद्धा-विश्वास एवं समर्पण से सब कुछ हासिल किया जा सकता है-डा.पंड्या

श्रद्धा-विश्वास एवं समर्पण से सब कुछ हासिल किया जा सकता है-डा.पंड्या
मुलताई । श्रद्धा विश्वास एवं समर्पण से सभी कुछ हासिल किया जा सकता है, इसके लिए हमें स्वयं को बदलने की जरूरत है क्योंकि जब तक हम स्वयं में सुधार नही लाएगें तब तक कुछ नही हो सकता। उक्त उद्गार गायत्री परिवार के अंतर्राष्ट्रीय प्रखर वक्ता डा. चिन्मय पंड्या ने पवित्र नगरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हजारों साधकों की उपस्थिति में व्यक्त किए। इस दौरान केबिनेट मंत्री सुखदेव पांसे सहित नगर के जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी आयोजन में उपस्थित थे। पारेगांव रोड स्थित ताप्ती लान में आयोजित राष्ट्र जागरण दीप महायज्ञ एवं युवा संगोष्ठी कार्यक्रम में डा.चिन्मय पंड्या ने गायत्री परिवार की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गायत्री परिवार द्वारा संस्कृति को शिक्षा से जोड़कर लोगों में जागरूकता फैलाने का कार्य किया जा रहा है ताकि समाज से अंधविश्वास, कुरितियां एवं भ्रांतियां दूर हो सके। उन्होने कहा कि हमें अपने मन में श्रद्धा रखना आवश्यक है क्योंकि यह श्रद्धा का ही असर है कि पत्थर भी देव बन जाते हैं, उन्होने कहा कि श्रद्धा एवं प्रयासों से ही बेहरत परिणाम प्राप्त होते हैं। उन्होने एकलव्य का उदाहरण देते हुए कहा कि एकलव्य ने श्रद्धा के बलबूते पर ही गुरू द्रोणाचार्य की प्रतिमा के सामने सीख कर धर्नुविद्या कला में पारंगत हुए जो गुरू के साथ रहने वाले शिष्य भी नही हो सके। डा.पंड्या ने कहा कि हमें यदि जागना है तो इसके लिए कल की रास्ता नही देखना है हमें आज ही जागना होगा और अभी से ही स्वयं में सुधार लाना होगा। उन्होने कहा कि असंख्य योनियों के बाद हमें मानव जीवन मिलता है इसलिए इसे व्यर्थ में मत जाने दो इसका सदुपयोग करो क्योंकि देवता भी मानव जीवन के लिए लालयित रहते हैं। उन्होने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हे मां ताप्ती की पावन नगरी मुलताई आने का सौभाग्य मिला उन्होने कहा कि मुलताई एैसा तीर्थ है जहां के गायत्री परिवार से जुड़े लोगों ने पूरे देश में गायत्री परिवार का परचम लहराया है। नरखेड़ में किया भूमिपूजन एवं पौधारोपण डा. चिन्मय पंड्या दोपहर लगभग दो बजे नागपूर से पट्टन रोड स्थित ग्राम नरखेड़ पहुंचे जहां उन्होने गायत्री चेतना केन्द्र एवं गौशाला सहित स्वावलंबन प्रशिक्षण केन्द्र का भूमिपूजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में गायत्री परिवार के साधकों सहित ग्रामीण उपस्थित थे। डा. पंड्या द्वारा उक्त स्थल पर पौधारोपण भी किया गया। इस दौरान डा.पंड्या ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि गांव-गांव में गायत्री परिवार की अलख जग रही है। उन्होने कहा कि हिवरखेड़ जैसे एक छोटे से गांव में 108 कुंडीय महायज्ञ होना यह साबित करता है कि गांवों में भी कितनी जनजागरूकता है। उन्होने कहा कि गायत्री परिवार की संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए मुलताई क्षेत्र के साधकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पांसे ने कहा निमंत्रण स्वीकार कर किया कृतार्थ मुलताई में आयोजन के दौरान मंच पर केबिनेट मंत्री सुखदेव पांसे ने डा.चिन्मय पंड्या का मुलताई में आगमन को लेकर आभार जताते हुए कहा कि उनके द्वारा पूर्व में ताप्ती नगरी में आने का निमंत्रण दिया था जो उनके द्वारा स्वीकार कर नगर के लोगों को कृतार्थ किया गया। पांसे ने कहा कि 21 वीं सदी में भी गायत्री परिवार द्वारा जो नई पीढ़ी को संस्कार दिए जा रहे हैं वह सभी के लिए प्रेरणास्पद हैं।

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