BREAKING NEWS

सादगी और सोशल डिस्टेंसिंग से रचाई शादी और बन गए जीवनसाथी

सादगी और सोशल डिस्टेंसिंग से रचाई शादी और बन गए जीवनसाथी
बैतूल। लॉकडाउन के कारण जहां लोगों ने अपने कार्यक्रम और शादी समारोह तक स्थगित कर दिए हैं। वहीं देशमुख और धाड़से परिवार ने सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए बेहद सादे तरीके से शादी कर एक मिसाल पेश की है। लॉक डाउन के बीच आमला साकरे कॉलोनी निवासी भीमराव देशमुख के सुपुत्र चि.चंद्रशेखर एवं बडोरा निवासी राजकुमार धाडसे की सुपुत्री सौ.कां दीक्षा (आकांक्षा) ने विवाह करके एक-दूसरे का हाथ थामा। इस शादी में न तो बैंड-बाजा का इस्तेमाल हुआ और न ही बारातियों को बुलाया गया। इस्तेमाल हुआ तो सिर्फ कोरोना के खिलाफ सहायक उन नियमों का जिनसे कोरोना को मात दी जा सकती है। विवाह में वर वधु सहित पांच लोग ही हुए शामिल गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के चलते जहां पूरे देश में लॉक डउन चल रहा है। वहीं लॉक डाउन के चलते विवाह जैसे संस्कार भी स्थगित है। विगत दिनों प्रशासन ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए विवाह संस्कार को अनुमति प्रदान की। जिसके बाद इन दोनों परिवार ने 25 अप्रैल को बडोरा में धाड़से निवास पर वर वधु का विवाह संपन्न करवाया। इस शादी में वर पक्ष से दूल्हे सहित एवं वधु पक्ष दुल्हन सहित 5-5 लोग शामिल रहे। जिसमें दूल्हे के चाचा नामदेव देशमुख (शिक्षक) द्वारा गायत्री परिवार विवाह संस्कार विधि से विवाह सम्पन्न करवाया। 50 से अधिक रिश्तेदारों ने ऑनलाइन दिया आशीर्वाद हर युवा की तरह इन दोनों ने भी अपनी शादी को लेकर कई ख्वाब सजाए थे कि सैकड़ों मेहमानों की चहल-पहल के बीच बैंड-बाजा-बारात होगी, मंगल गीत होंगे और पकवानों की थाल सजेगी। लेकिन कोराना के कहर और लॉकडाउन ने पूरा नजारा ही बदल दिया। ये बातें सपना बनकर रह गईं। यह विवाह 16 अप्रैल को भव्य आयोजन में सम्पन्न होना था जिसके लिए दोनो पक्षों की विवाह पत्रिका भी बांटी जा चुकी थी। अब विवाह जैसे पवित्र बंधन में स्नेही जनों का आशीर्वाद भी जरूरी है। जिसके चलते इस विवाह को जूम एपपर ऑनलाईन एक घंटे लाईव दिखाया गया जिसमें 50 से भी अधिक रिश्तेदारों एवं स्नेहीजनों ने ऑनलाईन आशीष प्रदान किया। वापस नहीं मिल पा रही एडवांस बुकिंग की राशि वर पक्ष के दामाद राजू महाले ने बताया कि विवाह के लिए दोनो पक्ष की लॉन, बाजे, घोड़ा बग्गी, लाईटिंग, फोटोग्राफर एवं सभी बुकिंग हो चुकी थी। जिसमें अधिकांश बुकिंग में एडवांस वापस नही मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि वर चि.चंद्रशेखर इंडियन आईल तिरूचिरापल्ली में कार्यरत है वे विवाह के लिए कुछ दिनों की छुट्टी लेकर आये थे उनकी छुट्टी 28 अप्रैल को समाप्त होने वाली थी एवं लॉक डाउन खत्म होते ही वापस उन्हें ड्यूटी ज्वाईन करना था। बाद में उतनी लम्बी छुट्टी मिलना असंभव था एवं इस वर्ष उनके नाम से विवाह के लिए सिर्फ दो ही तिथियाँ थी जिसके चलते यह विवाह इन तिथियों में सम्पन्न कराना अति अनिवार्य था। जिला प्रशासन का माना आभार श्री महाले ने जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया कि विवाह जैसे अति आवश्यक कार्यक्रम को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अनुमति प्रदान की। उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए लॉकडाउन किया गया है। जो जहां है, सरकार ने उसे वहीं रहने के निर्देश दिए हैं। आवागमन के साधन भी बंद हैं। बहुत सारे लोग ऐसे भी हैं, जिनकी शादियां मुहूर्त होने के बाद भी अटक गई हैं। आपको बता दें कि लॉक डाउन में जिंदगी की रफ्तार धीमी जरूर हुई है लेकिन थमी नहीं है। जीवन के अनवरत चक्र के साथ ही विवाह संस्कार के जरिए वर वधु एक-दूसरे का हाथ थाम रहे हैं।

Betul News Copyright © 2020. All Rights Reserved

Chat Now