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स्टूडेंट की हमेशा मदद के लिए आगे आए है रिजवी सर...

स्टूडेंट की हमेशा मदद के लिए आगे आए है रिजवी सर...
बैतूल। बैतूल जिले में कामर्स गुरू के नाम से जाने जाने वाले रिजवी सर उर्फ शहजाद रिजवी का शुक्रवार 5 जून की सुबह निधन हो गया। रिजवी सर 28 मई 2020 की शाम को शाम की सैर पर गौठाना रोड पर रोजाना की तरह निकले थे और इसी दौरान उन्हें एक वाहन चालक ने गंभीर रूप से दुर्घटनाग्रस्त कर दिया। जिसके बाद उन्हें तत्काल बैतूल के एक निजी चिकित्सालय में ले जाया गया जहां हालत गंभीर होने के चलते उन्हें तुरंत नागपुर शिफ्ट कर दिया गया। नागपुर के फेमस एलेक्सिस हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था। 4 जून को उन्हें नागपुर से बैतूल लाया गया जहां राठी हास्पिटल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार 5 जून को प्रात: 10 बजे रिजवी सर ने अंतिम सांस ली। कामर्स गुरू के निधन की खबर पूरे जिले में आग की तरह फैल गई। सोशल मीडिया पर उनके चाहने वालों ने इस दुखद खबर को अपनी-अपनी भावनाओं के साथ पोस्ट किया। रिजवी सर के नाम से मशहूर शहजाद रिजवी 47 वर्ष के थे और अपने मिलनसार, मृदुभाषी व्यक्तित्व और हेल्पिंग नेचर के लिए जाने जाते थे। परिवार में उनकी पत्नी और तीन बेटियां है। वे जिला न्यायालय में कार्य कर चुके स्व. मेंहदी हुसैन रिजवी के बेटे और पत्रकार मुश्ताक हुसैन रिजवी के भतीजे थे। रिजवी सर जाने माने दस्तावेज लेखक आदिल भाई के छोटे भाई थे। वर्तमान में वे सतपुड़ा वैली पब्लिक स्कूल, आरडी पब्लिक स्कूल, अग्रसेन महाराज स्कूल बैतूल गंज में कामर्स के बच्चों को पढ़ाते थे। कामर्स गुरू शहजाद रिजवी ने न्यू बैतूल स्कूल, कोठीबाजार में भी अपनी सेवाएं दी है। इसके अलावा वे कामर्स के बच्चों को प्रायवेट कोचिंग भी देते थे। रिजवी सर की खास बात यह थी कि यदि किसी स्टूडेंट के पास ट्यूशन फीस देने के लिए पैसे नहीं है, स्कूल फीस भरने की लिए पैसे नहीं है, बुक्स खरीदने के लिए पैसे नहीं है या फिर स्कूल यूनीफार्म के लिए पैसे नहीं है ऐसे लोगों की वे हमेशा मदद किया करते थे। जिसके बदले में उनकी सिर्फ यह अपेक्षा रहती थी कि मन लगाकर पढ़ो। रिजवी सर को 5 जून शुक्रवार के दिन शाम 5 बजे कोठीबाजार कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। लोगों को जीना सिखाया यह शख्स लोगों में सिर्फ इसलिए मशहूर था कि यह लोगों को जीना सिखाया करते थे। समय ऐसा आया कि वे खुद आज चिरस्मृति में चले गए। अपनी जिंदादिली के लिए मशहूर एवं बच्चों की भावनाओं को समझने वाले रिजवी सर अब इस दुनिया में नहीं रहे है। जिसने भी सुना आंखे हुई नम जैसे ही यह समाचार सुबह लोगों को सुनने को मिला, उनके चाहने वालों और उनके विद्यार्थियों, साथी शिक्षकों सहित आमजनों में शोक की लहर व्याप्त हो गई और उनके निवास पर शुभचिंतकों का तांता लगना शुरू हो गया। इस दौरान हर आंखे नम दिखाई दे रही थी। श्री रिजवी जिले में कामर्स विषय के बेहतरीन शिक्षक माने जाते थे। उन्होंने जिले के हजारों विद्यार्थियों को इस विषय में शिक्षित किया था। सोशल मीडिया पर संवेदनाओं का तांता सोशल मीडिया पर उनके चाहने वालों ने इस दुखद खबर को अपनी-अपनी भावनाओं के साथ पोस्ट किया। किसी ने लिखा रिजवी सर कामर्स गुरू से मेरी बहुत ज्यादा मुलाकात नहीं थी और मैं उनसे ज्यादा परिचित भी नहीं था। हालांकि जहां भी मिल जाते थे तो हैलो- हाय जरूर होती थी। पहले एक्सीडेंट और बाद में उनके निधन की खबर सुनी सहसा विश्वास नहीं हुआ। बच्चों को पता चला तो बच्चे भी उदास हो गए। बैतूल के हजारों कामर्स स्टूडेंट्स के सामने विषय विशेषज्ञ शिक्षक का एक बड़ा शून्य पैदा हो गया। पढ़ाने का उनका तरीके काबिले तारीफ था। परम पिता परमेश्वर से यही प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में शक्ति प्रदान करें।

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